इंडसइंड बैंक का मुनाफा 29% बढ़कर 751 करोड़

इंडसइंड बैंक का मुनाफा 29% बढ़कर 751 करोड़
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इंडसइंड बैंक का मुनाफा दिसंबर क्वॉर्टर में 29 पर्सेंट बढ़ा है। इसकी लोन ग्रोथ मजबूत रही और अदर इनकम में बढ़िया बढ़ोतरी हुई। वहीं, नोटबंदी के चलते बैंक में काफी डिपॉजिट आया, जिससे उसकी लागत कम हुई। नोटबंदी से बैंक को कोई नुकसान नहीं हुआ। उसका मुनाफा दिसंबर तिमाही में बढ़कर 751 करोड़ हो गया। 9 एनालिस्टों के ब्लूमबर्ग पोल में बैंक का मुनाफा 725 करोड़ रहने की उम्मीद जताई गई थी।

नोटबंदी का लोन पर असर: बैंक की लोन ग्रोथ 25 पर्सेंट बढ़ी है, जो बैंकिंग इंडस्ट्री की मौजूदा 5.1 पर्सेंट की एवरेज ग्रोथ का पांच गुना है। बैंक की कॉरपोरेट लोन ग्रोथ 25 पर्सेंट रही, जबकि व्हीकल लोन में 21 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई। इससे पता चलता है कि नोटबंदी का लोन की मांग पर असर नहीं पड़ा है।

डिपॉजिट कॉस्ट कम हुई: नोटबंदी के चलते बैंक के पास 11,400 करोड़ का डिपॉजिट आया, जिससे उसकी फंड कॉस्ट में 0.2 पर्सेंट की कमी हुई। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4 पर्सेंट पर बना रहा।

नए ग्राहक बढ़े: इंडसइंड ने दिसंबर क्वॉर्टर में 1.33 लाख नए ग्राहक जोड़े, जिनकी संख्या सामान्य तौर पर 75,000-80,000 रहती है। बैंक के ग्राहकों ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल भी बढ़ाया है क्योंकि नोटबंदी के बाद कैश की कमी हो गई है। बैंक के डेबिट कार्ड से खर्च में चार गुना इजाफा हुआ है, जबकि मोबाइल बैंकिंग में साढ़े तीन गुना की बढ़ोतरी हुई।

क्रेडिट कॉस्ट और रीपेमेंट: इस फाइनेंशियल ईयर के पहले 9 महीनों में बैंक की क्रेडिट कॉस्ट उसकी लोन बुक की 0.44 पर्सेंट रही। बैंक ने इसके 0.60 पर्सेंट से कम रहने का अनुमान दिया था। उसका नेट एनपीए 0.39 पर्सेंट के साथ स्टेबल बना हुआ है। दिसंबर तिमाही में जहां लोन डिफॉल्ट की आशंका थी, उसके उलट इंडसइंड के कई बकाएदारों ने तेजी से कर्ज चुकाया। इन लोगों ने पुरानी करेंसी से छुटकारा पाने के लिए ऐसा किया। यह भी बैंक के हक में रहा।

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